Report By:- Santosh Kumar Mishra (Bureau chief- Pratapgarh)Edited By:- Maan Singh (Uttar Pradesh Bureau) |
Pratapgarh: आसपुर देवसरा क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। अतरौरा मीरपुर ग्राम सभा में छह महीने पहले बनी पुलिया पहली बारिश में बह गई, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा क्षेत्र के अतरौरा मीरपुर ग्राम सभा में एक पुलिया निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छह महीने पहले ग्राम प्रधान द्वारा बनवाई गई पुलिया पहली ही बरसात में बह गई। इससे ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों का कहना है। ना तो हमारे गांव के ज्यादातर बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों को वृद्धा पेंशन मिल रही है। न ही विधवा पेंशन और रास्ते को लेकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि किसी घर में प्रसूता को प्रसव पीड़ा जैसी स्थिति आती है तो मरीज को चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है। इस समस्या से परेशान ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे आगामी पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आवास योजना में भी धांधली का आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार, आवास दिलाने के नाम पर पहले ही ₹20,000 वसूले जाते हैं। तभी पात्रों को आवास दिया जाता है। और आवास रजिस्ट्रेशन के नाम पर ₹500 लिया जाता है।
सैकड़ों ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
सोमवार दोपहर को सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इसमें महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे शामिल थे। ग्रामीणों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को चारपाई पर ले जाना पड़ता है। उन्होंने प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोला और नई पुलिया बनाने की मांग की। शिकायत करने वालों में वंशराज निषाद, बांकेलाल निषाद, मुन्ना निषाद, दयाशंकर निषाद, गिरजाशंकर निषाद, बसंतलाल निषाद, रामप्रवेश निषाद, शंकर निषाद, शोभा, रामचंद्र, जवाहरलाल, जमुना देवी, गुजराती, गीता देवी, नौरंगी देवी, रामाश्रय समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। इस संबंध में जब परियोजना निदेशक प्रतापगढ़ दयाराम यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह गंभीर विषय है इसकी टीम बनाकर जांच की जाएगी और दोषियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी
